पूर्वांचल खादी ग्रामोद्योग विकास समिति एक पंजीकृत स्वैच्छिक गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1991 में स्वर्गीय डॉ. गोपेश तिवारी (पीएचडी – क्लिनिकल साइकोलॉजी, डीएचएलएस, पीजीडी – मानव अधिकार) एवं स्वर्गीय इं. राजेश तिवारी द्वारा की गई थी। यह संस्था बौद्धिक दिव्यांगता, श्रवण बाधितता, अधिगम अक्षमता, वाणी एवं भाषा विकार तथा अन्य विकासात्मक चुनौतियों से ग्रस्त बच्चों के कल्याण, शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए समर्पित है।
संस्था निदान, चिकित्सीय हस्तक्षेप, विशिष्ट शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में कार्य करती है। यह प्रयागराज एवं प्रतापगढ़ में विशिष्ट विद्यालय इकाइयों का संचालन करती है, जहाँ दिव्यांग बच्चों की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संरचित निदान एवं चिकित्सीय सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। संस्था द्वारा विशिष्ट शिक्षा, स्पीच थैरेपी, फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, मनोचिकित्सा, प्रारंभिक हस्तक्षेप कार्यक्रम तथा योग थैरेपी जैसी व्यापक सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनका उद्देश्य कार्यात्मक क्षमताओं, संप्रेषण कौशल एवं समग्र जीवन-गुणवत्ता में सुधार करना है।
इसके अतिरिक्त, संस्था प्रयागराज एवं प्रतापगढ़ में शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन करती है, जहाँ पेशेवरों को बच्चों की शिक्षा एवं पुनर्वास हेतु प्रशिक्षित किया जाता है। साथ ही, कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण एवं स्वतंत्र जीवन को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं। संस्था को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (PWD Act) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है। यह संस्था भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से संबद्ध है तथा राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि इसके कार्यक्रम स्थापित व्यावसायिक एवं नियामक मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं।